उर्दू शायरी · ग़ज़ल

hum tumhaare gham se bahar aa gae

हम तुम्हारे ग़म से बाहर आ गए

ہم تمہارے غم سے باہر آ گئے

शायर: Tahzeeb Hafi4 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

हम तुम्हारे ग़म से बाहर आ गए
हिज्र से बचने के मंतर आ गए

मैं ने तुम को अंदर आने का कहा
तुम तो मेरे दिल के अंदर आ गए

एक ही औरत को दुनिया मान कर
इतना घूमा हूँ कि चक्कर आ गए

इम्तिहान-ए-इश्क़ मुश्किल था मगर
नक़्ल कर के अच्छे नंबर आ गए