उर्दू शायरी · ग़ज़ल

hai duaon mein barkat bahut

है दु'आओं में बरकत बहुत

ہے دعاؤں میں برکت بہت

शायर: Ejaz Ummeedi8 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

है दु'आओं में बरकत बहुत
माँ ने दी है ये दौलत बहुत

जिस से की थी मोहब्बत बहुत
उस ने दी है अज़िय्यत बहुत

हाए इंसाँ की मजबूरियाँ
ज़िंदगी कम ज़रूरत बहुत

सूखे टुकड़ों से नफ़रत न कर
इन में होती है लज़्ज़त बहुत

पानी पानी किया ख़ून को
तब मिली मुझ को शोहरत बहुत

हम हैं बानी मुसावात के
हम ने की है हुकूमत बहुत

कामयाबी के हर मोड़ पर
आड़े आई है ग़ुर्बत बहुत

और 'ए'जाज़' क्या चाहिए
तुझ पर उस की है रहमत बहुत