उर्दू शायरी · ग़ज़ल

batao mausamon ki pasbani kaun karta hai

बताओ मौसमों की पासबानी कौन करता है

بتاؤ موسموں کی پاسبانی کون کرتا ہے

शायर: Ejaz Ummeedi4 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

बताओ मौसमों की पासबानी कौन करता है
ज़मीं से आसमाँ तक हुक्मरानी कौन करता है

हमारे दौर में हर आदमी का दिल है पत्थर का
किसी के वास्ते दिल पानी पानी कौन करता है

न-जाने किस की साज़िश है वतन बर्बाद करने में
शुरू' आख़िर फ़सादों की कहानी कौन करता है

वो सूखा पेड़ जिस की टहनियाँ बे-रंग-ओ-रोग़न हैं
उसे फिर से बहारों की निशानी कौन करता है