उर्दू शायरी · ग़ज़ल

gham jab un ka diya hua gham hai

ग़म जब उन का दिया हुआ ग़म है

غم جب ان کا دیا ہوا غم ہے

शायर: Raees Niyazi6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

ग़म जब उन का दिया हुआ ग़म है
हैफ़ उस आँख पर जो पुर-नम है

दिल की आवाज़ लाख मद्धम है
दिल की आवाज़ में बड़ा दम है

ज़िंदगी में सुकून के तालिब
ज़िंदगी ख़ुद ही मुस्तक़िल ग़म है

उन के जाते ही ये हुआ महसूस
जैसे तारों में रौशनी कम है

चैन है तर्क-ए-आरज़ू के बअ'द
आरज़ूओं का नाम ही ग़म है

हर नफ़स मख़्ज़न-ए-अलम है 'रईस'
शुक्र है उम्र-ए-आदमी कम है