उर्दू शायरी · ग़ज़ल

gham hi gham hain KHushi ke parde mein

ग़म ही ग़म हैं ख़ुशी के पर्दे में

غم ہی غم ہیں خوشی کے پردے میں

शायर: Aadil Aseer Dehlvi5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

ग़म ही ग़म हैं ख़ुशी के पर्दे में
मौत है ज़िंदगी के पर्दे में

आरज़ूएँ सिसकती रहती हैं
मेरी तिश्ना-लबी के पर्दे में

कार-फ़रमा हैं हादसे लाखों
मेरी दरिया-दिली के पर्दे में

अब तमन्नाओं के हसीं ताइर
हैं मिरी बे-कसी के पर्दे में

किस की ख़ुशबू चमन चमन है 'असीर'
कौन है रौशनी के पर्दे में