उर्दू शायरी · ग़ज़ल

duniya se nirale hain ye andaz haya ke

दुनिया से निराले हैं ये अंदाज़ हया के

دنیا سے نرالے ہیں یہ انداز حیا کے

शायर: Raft Bahraichi5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

दुनिया से निराले हैं ये अंदाज़ हया के
वो मुझ को छुपाते हैं तसव्वुर में भी आ के

रह जाएँगे दुनिया में बहुत तज़्किरे बाक़ी
कुछ मेरी वफ़ा कुछ मिरे क़ातिल की जफ़ा के

गुमराह रह-ए-'इश्क़ में घबराए हैं ऐसे
लेते हैं क़दम दौड़ के हर राह-नुमा के

सर को जो गिराया भी तो उस बुत के क़दम पर
एहसान मिरे सर पे मिरी लग़्ज़िश-ए-पा के

'राफ़त' हमें फ़िरदौस में जागीर मिलेगी
मद्दाह अज़ल से हैं शह-ए-अर्ज़-ओ-समा के