उर्दू शायरी · ग़ज़ल

dil ne Thokar kha ke samjha hadisa kya chiz hai

दिल ने ठोकर खा के समझा हादसा क्या चीज़ है

دل نے ٹھوکر کھا کے سمجھا حادثا کیا چیز ہے

शायर: Urooj Zaidi Badayuni11 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

दिल ने ठोकर खा के समझा हादसा क्या चीज़ है
ग़म किसे कहते हैं दर्द-ए-ला-दवा क्या चीज़ है

महव-ए-हैरत हूँ ये दुनिया से जुदा क्या चीज़ है
आप का पैग़ाम बे-हर्फ़-ओ-सदा क्या चीज़ है

इस के मा'नी ख़ुद-पसंदी के सिवा कुछ भी नहीं
दिल में पैहम ख़्वाहिश-ए-दाद-ए-वफ़ा क्या चीज़ है

अब अँधेरा ही अँधेरा है उफ़ुक़-ता-ब-उफ़ुक़
इस हक़ीक़त में ख़िलाफ़-ए-माजरा क्या चीज़ है

कुफ़्र है ये सोचना भी कारोबार-ए-इश्क़ में
मुद्दआ' क्या शय है तर्क-ए-मुद्दआ क्या चीज़ है

सर है ज़ेब-ए-दार लेकिन लब तबस्सुम-आश्ना
हक़-नवाई पर मैं ख़ुश हूँ ये सज़ा क्या चीज़ है

कार-आराई-ए-सई-ए-शौक़ है पेश-ए-नज़र
वर्ना सोचो जुम्बिश-ए-पर्दा-कुशा क्या चीज़ है

हम रज़ा-ए-दोस्त में राज़ी हैं ये सच है तो फिर
देखना होगा कि दस्तूर-ए-दुआ क्या चीज़ है

रफ़्ता रफ़्ता तुम पे सब कुछ आइना हो जाएगा
क्या बताऊँ सई-ए-तर्क-ए-मुद्दआ' क्या चीज़ है

जल्वा-गाह-ए-नाज़ से उठना कोई आसाँ नहीं
पहले ये देखो यहाँ ज़ंजीर-ए-पा क्या चीज़ है

जिन की फ़ितरत ना-शनास-ए-ज़ौक़-ए-मोहकम है 'उरूज'
मैं उन्हें ये कैसे समझाऊँ वफ़ा क्या चीज़ है