उर्दू शायरी · ग़ज़ल

dil mohabbat mein mubtala ho jae

दिल मोहब्बत में मुब्तला हो जाए

دل محبت میں مبتلا ہو جائے

शायर: Tahzeeb Hafi6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

दिल मोहब्बत में मुब्तला हो जाए
जो अभी तक न हो सका हो जाए

तुझ में ये ऐब है कि ख़ूबी है
जो तुझे देख ले तिरा हो जाए

ख़ुद को ऐसी जगह छुपाया है
कोई ढूँढे तो लापता हो जाए

मैं तुझे छोड़ कर चला जाऊँ
साया दीवार से जुदा हो जाए

बस वो इतना कहे मुझे तुम से
और फिर कॉल मुंक़ता' हो जाए

दिल भी कैसा दरख़्त है 'हाफ़ी'
जो तिरी याद से हरा हो जाए