उर्दू शायरी · ग़ज़ल

dil ko jis chiz ki hasrat hai hamin jaante hain

दिल को जिस चीज़ की हसरत है हमीं जानते हैं

دل کو جس چیز کی حسرت ہے ہمیں جانتے ہیں

शायर: Danish Ejaz6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

दिल को जिस चीज़ की हसरत है हमीं जानते हैं
वो कोई चाँद सी सूरत है हमीं जानते हैं

हमें किस शख़्स की आदत है तुम्ही जानते हो
तुम्हें किस शख़्स की आदत है हमीं जानते हैं

तेरा हँसना तो क़यामत है हमें है मा'लूम
तेरा रोना भी मुसीबत है हमीं जानते हैं

यूँ तो दा'वा है मोहब्बत का तुम्हें हम से मगर
तुम्हें जिस जिस से मोहब्बत है हमीं जानते हैं

यूँ तो आसान सा रस्ता है तुम्हारे घर का
तेरे मिलने में जो मेहनत है हमीं जानते हैं

ग़म-ए-दौराँ से तो बेगाना हुए हैं 'दानिश'
तेरे ग़म की जो इनायत है हमीं जानते हैं