उर्दू शायरी · ग़ज़ल

dil hamara gauhar-e-ghaltan-e-bahr-e-ishq hai

दिल हमारा गौहर-ए-ग़लतान-ए-बहर-ए-इश्क़ है

دل ہمارا گوہر غلطان بحر عشق ہے

शायर: Aarifuddin Aajiz5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

दिल हमारा गौहर-ए-ग़लतान-ए-बहर-ए-इश्क़ है
दम हमारा शोरिश-ए-तूफ़ान-ए-बहर-ए-इश्क़ है

डूब जाता है दिल उस की मौज-ए-बेताबी कूँ देख
बे-तरह ऐ बुल-हवस उन्वान-ए-बहर-ए-इश्क़ है

अश्क ने गिर्दाब बाँधा है हमारे आस-पास
क्यूँकि निकला जाए ये ज़िंदान-ए-बहर-ए-इश्क़ है

दिल डूबाना इश्क़ के दरिया का हैगा इब्तिदा
ग़र्क़ करना जान को पायान-ए-बहर-ए-इश्क़ है

सीपी आँखें अश्क मोती दिल है मर्जां मछली आह
हम हैं 'आजिज़' क्या बला सामान-ए-बहर-ए-इश्क़ है