उर्दू शायरी · ग़ज़ल

daya se dua se ada se wafa se

दया से दुआ से अदा से वफ़ा से

دیا سے دعا سے ادا سے وفا سے

शायर: Vihan Gupta6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

दया से दुआ से अदा से वफ़ा से
मुझे ठीक कर दो किसी भी दवा से

चराग़ों को घर के खुले में न छोड़ो
कहीं बुझ न जाएँ वबा की हवा से

सुनो जा रहा हूँ मैं दर पे ख़ुदा के
शिकायत करूँगा तुम्हारी ख़ुदा से

हँसी झूटी कैसे रखें हम लबों पर
कि पूछेंगे हम भी किसी ग़म-ज़दा से

हवाएँ हैं कहती दियों से कि तुम सब
जलोगे बुझोगे हमारी रज़ा से

सज़ा से नहीं कोई इंकार लेकिन
सज़ा ये बड़ी है हमारी ख़ता से