उर्दू शायरी · ग़ज़ल

aankhon se yaadon ka dariya bahta hai

आँखों से यादों का दरिया बहता है

آنکھوں سے یادوں کا دریا بہتا ہے

शायर: Vihan Gupta5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

आँखों से यादों का दरिया बहता है
ख़्वाब हमेशा मुझ में उस का रहता है

हर तितली फूलों से कहती रहती है
वो आए तो बाग़ सुनहरा लगता है

मैं उस को खिड़की से तकता रहता हूँ
उस के घर के बाहर पहरा रहता है

सहराओं में मजनूँ प्यास बुझाने को
आँसू की बूंदों को इकट्ठा करता है

उस के बारे में सुनने को आया है
वो शीशे से पत्थर तोड़ा करता है