उर्दू शायरी · ग़ज़ल

bas tere liye udas aankhen

बस तेरे लिए उदास आँखें

بس تیرے لیے اداس آنکھیں

शायर: Ghalib Ayaz5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

बस तेरे लिए उदास आँखें
उफ़ मस्लहत ना-शनास आँखें

बे-नूर हुई हैं धीरे धीरे
आईं नहीं मुझ को रास आँखें

आख़िर को गया वो काश रुकता
करती रहीं इल्तिमास आँखें

ख़्वाबीदा हक़ीक़तों की मारी
पामाल और बद-हवास आँखें

दरपेश जुनूँ का मरहला और
फ़ाक़ा है बदन तो प्यास आँखें