उर्दू शायरी · ग़ज़ल

ajib baat hai bimar hai nahin bhi hai

अजीब बात है बीमार है नहीं भी है

عجیب بات ہے بیمار ہے نہیں بھی ہے

शायर: Obaidur Rahman5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

अजीब बात है बीमार है नहीं भी है
ये दिल तुम्हारा तलबगार है नहीं भी है

हैं मुम्किनात निहाँ इस अदा में शोख़ी में
लबों पे उन के जो इंकार है नहीं भी है

है कैसा अज़्म-ए-सफ़र कैसी चाहत-ए-मंज़िल
सफ़र को कारवाँ तय्यार है नहीं भी है

ये अपनी अपनी समझ है ये अपना अपना शुऊ'र
सफ़र हयात का दुश्वार है नहीं भी है

ये वक़्त वक़्त पे है मुनहसिर जो सच पूछें
'उबैद' आप का ख़ुद्दार है नहीं भी है