उर्दू शायरी · ग़ज़ल

aawaz de rahi hai ye kis ki nazar mujhe

आवाज़ दे रही है ये किस की नज़र मुझे

آواز دے رہی ہے یے کس کی نظر مجھے

शायर: Qamar Jalalabadi5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

आवाज़ दे रही है ये किस की नज़र मुझे
शायद मिले किनारा वहीं डूब कर मुझे

चाहा तुझे तो ख़ुद से मोहब्बत सी हो गई
खोने के बाद मिल गई अपनी ख़बर मुझे

हर हर क़दम पे साथ हूँ साया हूँ मैं तिरा
ऐ बेवफ़ा दिखा तो ज़रा भूल कर मुझे

दुनिया को भूल कर तिरी दुनिया में आ गया
ले जा रहा है कौन इधर से उधर मुझे

दुनिया का हर नज़ारा निगाहों से छीन ले
कुछ देखना नहीं है तुझे देख कर मुझे