उर्दू शायरी · ग़ज़ल

aao taqdir ko tadbir bana kar dekhen

आओ तक़दीर को तदबीर बना कर देखें

آؤ تقدیر کو تدبیر بنا کر دیکھیں

शायर: Bakhtiyar Ziya5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

आओ तक़दीर को तदबीर बना कर देखें
इन अँधेरों को उजालों से मिला कर देखें

आज ज़ालिम को भी मजबूर बना कर देखें
हश्र से पहले ही इक हश्र उठा कर देखें

इन बुतों से तो कोई काम न निकला अपना
ख़ैर अब यूँही सही याद-ए-ख़ुदा कर देखें

चाँद-तारों में जो आबाद हुए जाते हैं
वो किसी दिल में भी घर अपना बना कर देखें

कौन अपना है यहाँ कौन है बेगाना 'ज़िया'
धज्जियाँ हम भी तो दामन की उड़ा कर देखें