उर्दू शायरी · ग़ज़ल

aankhon mein KHwab paon mein chhaalon ko pal kar

आँखों में ख़्वाब पावँ में छालों को पाल कर

آنکھوں میں خواب پاؤں میں چھالوں کو پال کر

शायर: Garima saxena4 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

आँखों में ख़्वाब पावँ में छालों को पाल कर
लाई हूँ मैं अंधेरे से सूरज निकाल कर

लड़की का जिस्म पहले तो शीशे का कर दिया
फिर उस को वो डराता है पत्थर उछाल कर

ये ज़ख़्म तो दवाई से भर पाएगा नहीं
दिल की है चोट दिल से ही तू देख-भाल कर

मैं क्या हूँ ऐसी बातें तू मुझ पे ही छोड़ दे
तू क्या है अपने आप से पहले सवाल कर