नात लिरिक्स

Ya Khwaja More Khwaja | Lakhon Ki Tere Dar Se Taqdeer Bani Khwaja

या ख़्वाजा मोरे ख़्वाजा | लाखों की तेरे दर से तक़दीर बनी ख़्वाजा

नात ख़्वान: सय्यिद हस्सानुल्लाह हुसैनीशायर: मौलाना क़याम रज़ा क़ादरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

ख़्वाजा जी ! महाराजा जी !तुम बड़ो ग़रीब नवाज़

तेरा नाम ख़्वाजा मु'ईनुद्दीन, तू रसूल-ए-पाक की आल हैतेरी ज़ात ख़्वाजा-ए-ख़्वाजगाँ, तुझे बेकसों का ख़याल है

या ख़्वाजा ! मोरे ख़्वाजा !या ख़्वाजा ! मोरे ख़्वाजा !

लाखों की तेरे दर से तक़दीर बनी, ख़्वाजा !

या ख़्वाजा ! मोरे ख़्वाजा !या ख़्वाजा ! मोरे ख़्वाजा !

बिगड़ी को बनाते हो, दुख-दर्द मिटाते होमख़्लूक़ से हर दम ये है बात सुनी, ख़्वाजा !

या ख़्वाजा ! मोरे ख़्वाजा !या ख़्वाजा ! मोरे ख़्वाजा !

हसनैन के बाबा की ख़ैरात 'अता कर दोभर जाए मेरी झोली, ऐ रब के वली ख़्वाजा !

या ख़्वाजा ! मोरे ख़्वाजा !या ख़्वाजा ! मोरे ख़्वाजा !

अजमेर की धरती पर इक रोज़ बुलाओगेबेकस की है तुझ से ये उम्मीद बँधी, ख़्वाजा !

या ख़्वाजा ! मोरे ख़्वाजा !या ख़्वाजा ! मोरे ख़्वाजा !

हसनैन के दिलबर हो, हैदर की निशानी होज़हरा का मिले सदक़ा, सख़ियों के सख़ी ख़्वाजा !

या ख़्वाजा ! मोरे ख़्वाजा !या ख़्वाजा ! मोरे ख़्वाजा !

हस्सान, 'अफ़्फ़ान, अहमद यूँ 'उर्स मनाएँगेइस 'उर्स की महफ़िल को दुनिया में सजाएँगेहर सिम्त यूँ गूँजेगी बस एक सदा ख़्वाजा

या ख़्वाजा ! मोरे ख़्वाजा !या ख़्वाजा ! मोरे ख़्वाजा !

गुस्ताख़ों के नर्ग़े में कह दो ये, क़याम ! आ करहै मर्द-ए-जरी ख़्वाजा और शेर-ए-'अली ख़्वाजा

या ख़्वाजा ! मोरे ख़्वाजा !या ख़्वाजा ! मोरे ख़्वाजा !

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