नात लिरिक्स

Wo Mera Ghani Mera Ghani Mera Ghani Hai

वो मेरा ग़नी मेरा ग़नी मेरा ग़नी है

नात ख़्वान: हाफ़िज़ ताहिर क़ादरीशायर: मुहम्मद आसिम-उल-क़ादरी मुरादाबादीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

बा-वफ़ा बा-हया, आ'ला-ओ-'आली-सफ़ा मेरा 'उस्मान

वो जिस के वसीले से हर इक बात बनी है

वो मेरा ग़नी, मेरा ग़नी, मेरा ग़नी हैवो मेरा ग़नी, मेरा ग़नी, मेरा ग़नी है

मेरा मुर्शिद, मेरा मौला, मेरा सुल्तान है 'उस्मानमेरा दाता, मेरा आक़ा , मेरी पहचान है 'उस्मान

सख़ियों का सख़ी है, 'उस्मान-ए-ग़नी हैसख़ियों का सख़ी है, 'उस्मान-ए-ग़नी है

जो जामे'-ए-क़ुरआन है, है 'आमिल-ए-सुन्नतता-'उम्र दिया जिस ने हमें दर्स-ए-शरी'अतवो जिस से कली दीन के गुलशन की खिली हैवो मेरा ग़नी, मेरा ग़नी, मेरा ग़नी है

जो फ़ख़्र-ए-अबू-बक्र है, दामाद-ए-नबी हैलौ जिस से 'उमर और 'अली की भी लगी हैउस सा न ज़माने में कोई आया सख़ी हैवो मेरा ग़नी, मेरा ग़नी, मेरा ग़नी है

'उस्मान का दुश्मन तो नबी का भी है दुश्मनदुश्मन है ख़ुदा का, वो 'अली का भी है दुश्मनदोज़ख़ का वो हक़दार है, हक़ बात यही हैवो मेरा ग़नी, मेरा ग़नी, मेरा ग़नी है

हो कैसे बयाँ हज़रत-ए-'उस्मान की 'अज़मतक़ुरआन को पढ़ते हुए पाई है शहादतवो जिस की जबीं आगे न दुश्मन के झुकी हैवो मेरा ग़नी, मेरा ग़नी, मेरा ग़नी है

हम अहल-ए-सुनन हैं, ये 'अक़ीदा है हमाराजो इस को नहीं मानता, उस से है किनाराहर एक सहाबी-ए-नबी रब का वली हैवो मेरा ग़नी, मेरा ग़नी, मेरा ग़नी है

सरकार-ए-दो-'आलम से मिला ख़ुल्द का मुज़्दाख़ुद जिस से हया करते थे सुल्तान-ए-मदीनाहै नाज़ फ़रिश्तों को, सदा उन की यही हैवो मेरा ग़नी, मेरा ग़नी, मेरा ग़नी है

हम नग़्मा-ए-'उस्मान सदा गाएँगे, 'आसिम !यूँ दुश्मन-ए-'उस्मान को तड़पाएँगे, 'आसिम !यूँ 'उम्र बसर हो ये तमन्ना-ए-दिली हैवो मेरा ग़नी, मेरा ग़नी, मेरा ग़नी है

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