नात लिरिक्स

Tum Se Mera Aasra Hai Ya Mere Ghaus-ul-wara

तुम से मेरा आसरा है या मेरे ग़ौस-उल-वरा

नात ख़्वान: सिदरतुल-मुंतहाशायर: वसीम बेख़ुद माण्डलवीउपलब्ध: हिंदी

तुम से मेरा आसरा है, या मेरे ग़ौसुल-वरा !जान-ओ-दिल तुम पर फ़िदा है, या मेरे ग़ौसुल-वरा !

हज़रत-ए-मौला-अली का वास्ता जब दे दियाजो भी कुछ माँगा, मिला है, या मेरे ग़ौसुल-वरा !

झोलियाँ ख़ाली रहेंगी किस तरह से जब शहा !सब को बे-माँगे दिया है, या मेरे ग़ौसुल-वरा !

औलिया की गर्दनों पर अल्लाह अल्लाह ! बे-गुमाँनक़्श-ए-पा भी आप का है, या मेरे ग़ौसुल-वरा !

ख़ुश्बू तब से आ रही बेख़ुद ! क़लम से रात-दिनइस क़लम से जब लिखा है, या मेरे ग़ौसुल-वरा !

केवल उपलब्ध श्रेय दिखाए गए हैं; अनुपलब्ध जानकारी का अनुमान नहीं लगाया गया।