नात लिरिक्स

Simnan Ke Tajdar Sa Sultan Koi Nahin

सिमनाँ के ताजदार सा सुल्ताँ कोई नहीं

नात ख़्वान: हाफ़िज़ ताहिर क़ादरीशायर: सय्यिद जामी अशरफ़उपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

मेरे अशरफ़-ए-सिमनाँ ! मेरे अशरफ़-ए-सिमनाँ !मेरे अशरफ़-ए-सिमनाँ ! मेरे अशरफ़-ए-सिमनाँ !

सिमनाँ के ताजदार सा सुल्ताँ कोई नहींसुल्ताँ बहुत हुए, शह-ए-सिमनाँ कोई नहीं

ए शाह-ए-सिमनाँ ! आप के दामन को छोड़ करबख़्शिश का मेरी हश्र में सामाँ कोई नहीं

दारुश्शिफ़ा है आप का दरबार-ए-नूर-बारकैसे कहूँ कि दर्द का दरमाँ कोई नहीं

हैं आप जैसे हिन्द में औलाद-ए-ग़ौस-ए-पाकइस शान का यहाँ, शह-ए-मीराँ ! कोई नहीं

क्या क्या नहीं दिया, मेरे मख़्दूम ! आप नेजामी पे आप जैसा मेहरबाँ कोई नहीं

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