नात लिरिक्स

Sikka Mere Khwaja Ka | Chalta Hai Jahan Bhar Mein Sikka Mere Khwaja Ka

सिक्का मेरे ख़्वाजा का | चलता है जहाँ भर में सिक्का मेरे ख़्वाजा का

नात ख़्वान: हाफ़िज़ ताहिर क़ादरीशायर: मुहम्मद आसिम-उल-क़ादरी मुरादाबादीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

मेरे ख़्वाजा ग़रीब-नवाज़ ! मेरे ख़्वाजा ग़रीब-नवाज़ !मेरे ख़्वाजा ग़रीब-नवाज़ ! मेरे ख़्वाजा ग़रीब-नवाज़ !

ख़्वाजा मेरे ख़्वाजा ! दिल में समा जाशाहों का शाह तू 'अली का दुलारा

शाह-ए-अजमेर ! मेरा मसीहा है तूदर्द-मंदों के दुख का मदावा है तूतेरी निस्बत का दामन रहे हाथ मेंबस दवा है यही रंज-ओ-ग़म के लिए

भारत में नहीं है बस चर्चा मेरे ख़्वाजा काचलता है जहाँ भर में सिक्का मेरे ख़्वाजा का

यहाँ भीक मिलती है बे-गुमाँ, ये बड़े सख़ी का है आस्ताँयहाँ सब की भरती हैं झोलियाँ, ये दर-ए-ग़रीब-नवाज़ है

दुनिया से किये पर्दा सदियाँ हुईं ख़्वाजा कोहै आज भी भारत पर क़ब्ज़ा मेरे ख़्वाजा का

चलता है जहाँ भर में सिक्का मेरे ख़्वाजा का

गर दिल का सुकूँ चाहो, अजमेर चले आओदेता है सुकूँ दिल को रौज़ा मेरे ख़्वाजा का

है 'इश्क़ हमारा ख़्वाजा !है प्यार हमारा ख़्वाजा !दिलदार हमारा ख़्वाजा !ग़म-ख़्वार हमारा ख़्वाजा !अजमेर में आएँ, ख़्वाजा !और हाल सुनाएँ, ख़्वाजा !बस झोली भर दो, ख़्वाजा !अब रंग में रंग दो, ख़्वाजा !ख़्वाजा ! ख़्वाजा ! ख़्वाजा ! ख़्वाजा !

'अज़मत मेरे ख़्वाजा की तुम कैसे घटाओगेमहबूब-ए-ख़ुदा से है रिश्ता मेरे ख़्वाजा का

मेरे हिन्द के राजा ! महाराजा !सख़ियों के सख़ी ! हिन्दल वली !जान-ए-नबी ! या ख़्वाजा ! या ख़्वाजा !

है शान करीमाना, अपना हो या बेगानालेने सभी आते हैं सदक़ा मेरे ख़्वाजा का

चलता है जहाँ भर में सिक्का मेरे ख़्वाजा का

ज़हरा के वो प्यारे हैं, हैदर के दुलारे हैंसरकार-ए-दो-'आलम है नाना मेरे ख़्वाजा का

यहाँ भीक मिलती है बे-गुमाँ, ये बड़े सख़ी का है आस्ताँयहाँ सब की भरती हैं झोलियाँ, ये दर-ए-ग़रीब-नवाज़ है

चलता है जहाँ भर में सिक्का मेरे ख़्वाजा का

मैं ग़ौस का शैदा हूँ, क्या मेरा बिगाड़ोगेहै सर पे मेरे, 'आसिम ! साया मेरे ख़्वाजा का

चलता है जहाँ भर में सिक्का मेरे ख़्वाजा का

ख़्वाजा-ए-ख़्वाजगाँ ! ऐ मेरे ख़्वाजा !हामी-ए-बे-कसाँ ! ऐ मेरे ख़्वाजा !

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