नात लिरिक्स

Shuroo' Khuda Se, Nabi Par Tamaam Karte Hain, Ye Kaam Sirf Ali Ke Ghulaam Karte Hain

शुरू' ख़ुदा से, नबी पर तमाम करते हैं, ये काम सिर्फ़ 'अली के ग़ुलाम करते हैं

नात ख़्वान: हसनैन अली अत्तारी और अहमद रज़ा अत्तारीशायर: वसीम बेख़ुद माण्डलवीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

शुरू' ख़ुदा से, नबी पर तमाम करते हैंये काम सिर्फ़ 'अली के ग़ुलाम करते हैं

'अली मौला 'अली मौला ! 'अली मौला 'अली मौला !'अली मौला 'अली मौला ! 'अली 'अली मौला !

सभी ही काँपने लगते हैं दुश्मन-ए-हैदरवो ज़ुल्फ़िक़ार को जब बे-नियाम करते हैं

'अली मौला 'अली मौला ! 'अली मौला 'अली मौला !'अली मौला 'अली मौला ! 'अली 'अली मौला !

जिन्हें न कर सका दुनिया का कोई दानिशवरवो काम मेरे 'अली के ग़ुलाम करते हैं

'अली मौला 'अली मौला ! 'अली मौला 'अली मौला !'अली मौला 'अली मौला ! 'अली 'अली मौला !

किसी बहाने से हम को नजफ़ बुलाएँ वोयही तमन्ना फ़क़त सुब्ह-ओ-शाम करते हैं

'अली मौला 'अली मौला ! 'अली मौला 'अली मौला !'अली मौला 'अली मौला ! 'अली 'अली मौला !

बस एक बार जो नाम-ए-'अली लिया मैं नेअदब से आज ज़माने सलाम करते हैं

'अली मौला 'अली मौला ! 'अली मौला 'अली मौला !'अली मौला 'अली मौला ! 'अली 'अली मौला !

बस एक बार जो नाद-ए-'अली पढ़ी मैं नेअदब से आज ज़माने सलाम करते हैं

'अली मौला 'अली मौला ! 'अली मौला 'अली मौला !'अली मौला 'अली मौला ! 'अली 'अली मौला !

'अली का जो कोई होगा, हमारा वो होगाइसी पे बात ये बेख़ुद तमाम करते हैं

'अली मौला 'अली मौला ! 'अली मौला 'अली मौला !'अली मौला 'अली मौला ! 'अली 'अली मौला !

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