नात लिरिक्स

Peeron Ke Bhi Peer Hain Kya Shan Hai | Ghaus-ul-wara Meri To Jaan Hain

पीरों के भी पीर हैं क्या शान है | ग़ौस-उल-वरा मेरी तो जान हैं

नात ख़्वान: हाफ़िज़ ताहिर क़ादरीशायर: मुहम्मद आसिम-उल-क़ादरी मुरादाबादीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

या ग़ौस-ए-आ'ज़म पीरान-ए-पीर !या ग़ौस-ए-आ'ज़म पीरान-ए-पीर !

मैं हूँ क़ादरी दिवाना ग़ौस-ए-पाक कामैं हूँ क़ादरी दिवाना ग़ौस-ए-पाक का

पीरों के पीर हैं ! वल्लाह !रौशन ज़मीर हैं ! वल्लाह !बग़दाद वाले मीराँ बड़े दस्त-गीर हैं

पीरों के भी पीर हैं, क्या शान हैग़ौस-उल-वरा मेरी तो जान हैं

फ़ातिमा ज़हरा के वो नूर-ए-नज़रहैदर-ए-कर्रार के लख़्त-ए-जिगरमिलता है इन का नसब हसनैन सेऔर नाना जिन के हैं ख़ैर-उल-बशरअल्लाह अल्लाह किस-क़दर ज़ी-शान हैंग़ौस-उल-वरा मेरी तो जान हैं

पीरों के भी पीर हैं, क्या शान हैग़ौस-उल-वरा मेरी तो जान हैं

सुल्तान-ए-विलायत ! ग़ौस-ए-पाक !वलियों पे हुकूमत ! ग़ौस-ए-पाक !शहबाज़-ए-ख़िताबत ! ग़ौस-ए-पाक !फ़ानूस-ए-हिदायत ! ग़ौस-ए-पाक !सरताज-ए-शरी'अत ! ग़ौस-ए-पाक !मोमिन की चाहत ! ग़ौस-ए-पाक !है रब की ने'मत ! ग़ौस-ए-पाक !अल्लाह की रहमत ! ग़ौस-ए-पाक !

ग़ौस-ए-पाक ! ग़ौस-ए-पाक !ग़ौस-ए-पाक ! ग़ौस-ए-पाक !

जोड़ा हम को ग़ौस के दरबार सेऔर बचाया नज्दियों के वार सेग़ौस की ता'रीफ़ क्या कोई करेजो रज़ा ने की बयाँ अश'आर सेआ'ला हज़रत के बड़े एहसान हैंग़ौस-उल-वरा मेरी तो जान हैं

पीरों के भी पीर हैं, क्या शान हैग़ौस-उल-वरा मेरी तो जान हैं

शान उन की कैसे हो पाए रक़मवलियों के सर पर भी है उन का क़दमसिक्का उन का चलता है चारों तरफ़हो 'अरब की वादी या फिर हो 'अजमचूमें जिन के क़दमों को सुल्तान हैंग़ौस-उल-वरा मेरी तो जान हैं

पीरों के भी पीर हैं, क्या शान हैग़ौस-उल-वरा मेरी तो जान हैं

दो जहाँ में चाहते हो गर भरमथाम लो तुम ग़ौस का दस्त-ए-करमअपने सब दीवानों को पीरान-ए-पीरसाथ ले के जाएँगे बाग़-ए-इरमजो न मानें आप को नादान हैंग़ौस-उल-वरा मेरी तो जान हैं

पीरों के भी पीर हैं, क्या शान हैग़ौस-उल-वरा मेरी तो जान हैं

डूबी कश्ती को निकालें शान सेचोर बनता है वली फ़ैज़ान सेऐ मुनाफ़िक़ ! रब के वो महबूब हैंधोका कैसे खाएँगे शैतान सेउन से थर्राते सभी शैतान हैंग़ौस-उल-वरा मेरी तो जान हैं

पीरों के भी पीर हैं, क्या शान हैग़ौस-उल-वरा मेरी तो जान हैं

मुर्दा ज़िंदा जो करें वो ग़ौस हैंख़ाली दामन जो भरे वो ग़ौस हैंदेख कर 'ईसाई कलमा दीन काजिन के हाथों पर पढ़ें वो ग़ौस हैंजिन पे, 'आसिम ! जान-ओ-दिल क़ुर्बान हैंग़ौस-उल-वरा मेरी तो जान हैं

पीरों के भी पीर हैं, क्या शान हैग़ौस-उल-वरा मेरी तो जान हैं

सुल्तान-ए-विलायत ! ग़ौस-ए-पाक !वलियों पे हुकूमत ! ग़ौस-ए-पाक !शहबाज़-ए-ख़िताबत ! ग़ौस-ए-पाक !फ़ानूस-ए-हिदायत ! ग़ौस-ए-पाक !सरताज-ए-शरी'अत ! ग़ौस-ए-पाक !मोमिन की चाहत ! ग़ौस-ए-पाक !है रब की ने'मत ! ग़ौस-ए-पाक !अल्लाह की रहमत ! ग़ौस-ए-पाक !

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