नात लिरिक्स

Mustafa Ke Dil Ki Rahat Fatima

मुस्तफ़ा के दिल की राहत फ़ातिमा

नात ख़्वान: हाफ़िज़ ताहिर क़ादरीशायर: राशिद अली मदनीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

इलाही ! ब-हक़्क़-ए-बनी-फ़ातिमाकि बर-क़ौल-ए-ईमाँ कुनी ख़ातिमाअगर दा'वतम रद कुनी वर क़ुबूलमन-ओ-दस्त-ओ-दामान-ए-आल-ए-रसूल

मुस्तफ़ा के दिल की राहत फ़ातिमाहैं 'अली के घर की ज़ीनत फ़ातिमा

मुस्तफ़ा के दिल की राहत फ़ातिमा

रौनक़-ए-बैत-ए-नुबुव्वत, फ़ातिमा !दुख़्तर-ए-माह-ए-रिसालत, फ़ातिमा !

सय्यिदा ! तय्यिबा ! ज़ाहिदा ! फ़ातिमा !

मुस्तफ़ा के दिल की राहत फ़ातिमा

मुस्तफ़ा ने "बिद'अतुम-मिन्नी" कहारखती हैं कुछ ऐसी क़ुर्बत फ़ातिमा

या सय्यिदा ! या तय्यिबा !या सय्यिदा ! या तय्यिबा !या फ़ातिमा ! या फ़ातिमा !

हम पे लाज़िम है, करें उस का अदबआप से है जिस को निस्बत, फ़ातिमा !

इलाही ! ब-हक़्क़-ए-बनी-फ़ातिमाकि बर-क़ौल-ए-ईमाँ कुनी ख़ातिमाअगर दा'वतम रद कुनी वर क़ुबूलमन-ओ-दस्त-ओ-दामान-ए-आल-ए-रसूल

अपने बाबा की शफ़ा'अत के तुफ़ैलहम को दिलवाएँगी जन्नत फ़ातिमा

सय्यिदा ! तय्यिबा ! ज़ाहिदा ! फ़ातिमा !

मुस्तफ़ा के दिल की राहत फ़ातिमा

मुश्किलों में उन को, ऐ बुरहाँ ! पुकारटाल देंगी हर मुसीबत फ़ातिमा

मुस्तफ़ा के दिल की राहत फ़ातिमाहैं 'अली के घर की ज़ीनत फ़ातिमा

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