नात लिरिक्स

Mustafa Ka Naukar Hoon Main Ghulam-e-Haidar Hoon

मुस्तफ़ा का नौकर हूँ मैं ग़ुलाम-ए-हैदर हूँ

नात ख़्वान: हाफ़िज़ ताहिर क़ादरीशायर: मिस्बाह-उल-हक़ राग़िबउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

मौला 'अली ! मौला 'अली !

मैं बंदा-ए-'अली हूँ, मोहब्बत 'अली से हैवाबस्ता आज भी मेरी क़िस्मत 'अली से है

मोमिन है वो कि जिस को मोहब्बत 'अली से हैकाज़िब है वो कि जिस को 'अदावत 'अली से है

मुस्तफ़ा का नौकर हूँ, मैं ग़ुलाम-ए-हैदर हूँआल का गदागर हूँ, मैं ग़ुलाम-ए-हैदर हूँ

ख़ातिम-ए-नुबुव्वत पर, किश्वर-ए-रिसालत परकरता सब निछावर हूँ, मैं ग़ुलाम-ए-हैदर हूँ

मुस्तफ़ा का नौकर हूँ, मैं ग़ुलाम-ए-हैदर हूँ

हूँ गदा सहाबा का, अहल-ए-बैत का सग हूँख़ुश-नसीब-ओ-बेहतर हूँ, मैं ग़ुलाम-ए-हैदर हूँ

मुस्तफ़ा का नौकर हूँ, मैं ग़ुलाम-ए-हैदर हूँ

प्यार है 'उमर से भी और यार-ए-दर से भीऔर ग़नी का नौकर हूँ, मैं ग़ुलाम-ए-हैदर हूँ

मुस्तफ़ा का नौकर हूँ, मैं ग़ुलाम-ए-हैदर हूँ

हाथ क्यूँ मैं फैलाऊँ ऐरों-ग़ैरों के आगेसाइल-ए-पयम्बर हूँ, मैं ग़ुलाम-ए-हैदर हूँ

मुस्तफ़ा का नौकर हूँ, मैं ग़ुलाम-ए-हैदर हूँ

दुश्मन-ए-सहाबा और अहल-ए-नार की ख़ातिरतीर हूँ मैं ख़ंजर हूँ, मैं ग़ुलाम-ए-हैदर हूँ

मुस्तफ़ा का नौकर हूँ, मैं ग़ुलाम-ए-हैदर हूँ

महफ़िल-ए-सहाबा और बज़्म-ए-सय्यिदा-ज़हरामैं सजाता अक्सर हूँ, मैं ग़ुलाम-ए-हैदर हूँ

मुस्तफ़ा का नौकर हूँ, मैं ग़ुलाम-ए-हैदर हूँ

मत समझना मा'मूली, मैं हूँ क़ादरी रज़वीहाकिमों से बढ़ कर हूँ, मैं ग़ुलाम-ए-हैदर हूँ

मुस्तफ़ा का नौकर हूँ, मैं ग़ुलाम-ए-हैदर हूँ

रब का शुक्र है, राग़िब ! पीर ग़ौस हैं मेरेख़ाक-ए-पा-ए-अख़्तर हूँ, मैं ग़ुलाम-ए-हैदर हूँ

मुस्तफ़ा का नौकर हूँ, मैं ग़ुलाम-ए-हैदर हूँ

केवल उपलब्ध श्रेय दिखाए गए हैं; अनुपलब्ध जानकारी का अनुमान नहीं लगाया गया।