नात लिरिक्स

Mustafa Aaj Dulha Bane Hain

मुस्तफ़ा आज दूल्हा बने हैं

नात ख़्वान: हाफ़िज़ ताहिर क़ादरीशायर: मुहम्मद आसिम-उल-क़ादरी मुरादाबादीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

शब है मे'राज की, क्या अदा है ! मुस्तफ़ा आज दूल्हा बने हैंजोश पर रहमत-ए-किब्रिया है, मुस्तफ़ा आज दूल्हा बने हैं

शब है मे'राज की, क्या अदा है ! मुस्तफ़ा आज दूल्हा बने हैं

भीनी भीनी हवा चार-सू है, महकी महकी फ़ज़ा चार-सू हैऔर मौसम सुहाना हुआ है, मुस्तफ़ा आज दूल्हा बने हैं

शब है मे'राज की, क्या अदा है ! मुस्तफ़ा आज दूल्हा बने हैं

रब को मे'राज में मुस्तफ़ा ने अपने माथे की आँखों से देखाये हदीसों से साबित हुआ है, मुस्तफ़ा आज दूल्हा बने हैं

शब है मे'राज की, क्या अदा है ! मुस्तफ़ा आज दूल्हा बने हैं

आज जिब्रील ने भी लबों से प्यारे आक़ा के तल्वों को चूमाअल्लाह-अल्लाह, क्या मर्तबा है ! मुस्तफ़ा आज दूल्हा बने हैं

शब है मे'राज की, क्या अदा है ! मुस्तफ़ा आज दूल्हा बने हैं

शान देखो मकीन-ए-मदीना ला-मकाँ रब से मिलने चले हैंये शरफ़ आप ही को मिला है, मुस्तफ़ा आज दूल्हा बने हैं

शब है मे'राज की, क्या अदा है ! मुस्तफ़ा आज दूल्हा बने हैं

अंबिया दे रहे हैं सलामी, कर रहे हैं फ़रिश्ते ग़ुलामीहर तरफ़ शोर सल्ले-'अला है, मुस्तफ़ा आज दूल्हा बने हैं

शब है मे'राज की, क्या अदा है ! मुस्तफ़ा आज दूल्हा बने हैं

जा के सिदरा पे जिब्रील बोले, आगे जाऊँगा तो पर जलेंगेया नबी ! ये मेरी इंतिहा है, मुस्तफ़ा आज दूल्हा बने हैं

शब है मे'राज की, क्या अदा है ! मुस्तफ़ा आज दूल्हा बने हैं

यूँ हुआ 'अर्श पर उन का जाना, एक ही लम्हे में लौट आनाकितना दिल-चस्प ये वाक़ि'आ है, मुस्तफ़ा आज दूल्हा बने हैं

शब है मे'राज की, क्या अदा है ! मुस्तफ़ा आज दूल्हा बने हैं

'आसिम-उल-क़ादरी ! तेरे लब पर नग़्मा मे'राज का जो है आयाये हबीब-ए-ख़ुदा की 'अता है, मुस्तफ़ा आज दूल्हा बने हैं

शब है मे'राज की, क्या अदा है ! मुस्तफ़ा आज दूल्हा बने हैं

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