नात लिरिक्स

Mujh Ko Dikha De Maula Tayba Ka Wo Nazara

मुझ को दिखा दे मौला तयबा का वो नज़ारा

नात ख़्वान: हाफ़िज़ अनस रज़ा अत्तारीशायर: सज्जाद अहमद (टाइपिस्ट)उपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

मुझ को दिखा दे, मौला ! तयबा का वो नज़ारावो सब्ज़ प्यारा गुंबद, दिलकश हसीं मिनारा

वो शहर-ए-मुस्तफ़ा सब शहरों से है मुबारकहै रहमतों का दरिया, अनवार का है धारा

हसरत है मेरे दिल में शहर-ए-नबी की बेहदजाऊँगा वाँ तड़प कर, हो जाएगा इशारा

सिद्दीक़, 'उमर, 'अली और 'उस्मान का है मस्कनउस शहर-ए-ज़ी-क़दर को देखूँ कभी ख़ुदारा

वो ख़ाक-ए-पा मुहम्मद आँखों में मैं लगाऊँतयबा की प्यारी गलियाँ, देखूँ हर इक किनारा

उस शहर में भटक कर, सज्जाद ! 'उम्र गुज़रेऔर ना'तें पढ़ते पढ़ते करता रहूँ गुज़ारा

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