नात लिरिक्स

Muhammad Hamaare Badi Shaan Waale

मुहम्मद हमारे बड़ी शान वाले

नात ख़्वान: हाफ़िज़ ताहिर क़ादरीशायर: मुहम्मद आसिम-उल-क़ादरी मुरादाबादीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

मुहम्मद हमारे बड़ी शान वालेमुहम्मद हमारे बड़ी शान वाले

चाँद टुकड़े हुआ, वाह क्या बात है !डूबा सूरज फिरा, वाह क्या बात है !है ज़माना फ़िदा, वाह क्या बात है !आप की, मुस्तफ़ा ! वाह क्या बात है !

मुहम्मद हमारे बड़ी शान वालेमुहम्मद हमारे बड़ी शान वाले

है भला कोई तुझ सा हसीन-ओ-जमीलदेख कर तुझ को हैराँ हैं नूह-ओ-ख़लीलथक गए ढूँढते ढूँढते जिब्रईलपर न तुझ सा मिला, वाह क्या बात है !

मुहम्मद हमारे बड़ी शान वालेमुहम्मद हमारे बड़ी शान वाले

जब हबीब-ए-ख़ुदा की विलादत हुईरब के फ़ज़्ल-ओ-करम की 'इनायत हुईका'बे को आप की जब ज़ियारत हुईका'बा भी झूम उठा, वाह क्या बात है !

मुहम्मद हमारे बड़ी शान वालेमुहम्मद हमारे बड़ी शान वाले

धूम है अब भी उस क़िस्सा-ए-पाक की'अक़्ल हैरान है माह-ओ-अफ़्लाक कीउँगलियों से, मेरे मुस्तफ़ा ! आप कीआब-ए-रहमत बहा, वाह क्या बात है !

मुहम्मद हमारे बड़ी शान वालेमुहम्मद हमारे बड़ी शान वाले

उन की मिदहत का रब ने दिया वो सिला'इज़्ज़तें मिल गईं, 'अज़मतें पा गयाना'त लिखने के सदक़े ही, 'आसिम ! तेरादिल भी रौशन हुआ, वाह क्या बात है !

मुहम्मद हमारे बड़ी शान वालेमुहम्मद हमारे बड़ी शान वाले

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