नात लिरिक्स

Millat Ke Rehnuma Hain Hazrat Imam Jafar | Sardar-e-Auliya Hain Hazrat Imam Jafar

मिल्लत के रहनुमा हैं हज़रत इमाम जाफ़र | सरदार-ए-औलिया हैं हज़रत इमाम जाफ़र

नात ख़्वान: हाफ़िज़ ताहिर क़ादरीशायर: सलमान रज़ा फ़रीदीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

मिल्लत के रहनुमा हैं हज़रत इमाम जा'फ़रसरदार-ए-औलिया हैं हज़रत इमाम जा'फ़र

किरदार में झलक है अनवार-ए-मुस्तफ़ा कीनूरानी आईना हैं हज़रत इमाम जा'फ़र

इन को वसीला कर लो, सब कुछ तुम्हें मिलेगाअल्लाह की रिज़ा हैं हज़रत इमाम जा'फ़र

सीना-ब-सीना पहुँची हसनैन की विरासतफ़रज़ंद-ए-मुर्तज़ा हैं हज़रत इमाम जा'फ़र

इन से हुई दो-बाला सादात की तजल्लीइक नय्यर-ए-सफ़ा हैं हज़रत इमाम जा'फ़र

कौनैन की बुलंदी है इन के नक़्श-ए-पा मेंमहबूब-ए-मुस्तफ़ा हैं हज़रत इमाम जा'फ़र

सिद्दीक़ के करम से इन का लक़ब है सादिक़फ़ारूक़ की 'अता हैं हज़रत इमाम जा'फ़र

कूँडे का ये तबर्रुक दिल-ताब-ओ-जाँ-फ़िज़ा हैईमान की ज़िया हैं हज़रत इमाम जा'फ़र

जो कुछ भी इन से माँगा, हम को मिला, फ़रीदी !'उस्मान की सख़ा हैं हज़रत इमाम जा'फ़र

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