नात लिरिक्स

Meri Baat Ban Gai Hai Teri Baat Karte Karte

मेरी बात बन गई है तेरी बात करते करते

नात ख़्वान: हाफ़िज़ ताहिर क़ादरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

मेरी बात बन गई है तेरी बात करते करतेतेरे शहर में मैं आऊँ तेरी ना'त पढ़ते पढ़ते

तेरे 'इश्क़ की बदौलत मुझे ज़िंदगी मिली हैमुझे मौत आए, आक़ा ! तेरा ज़िक्र करते करते

मेरे सूने सूने घर में कभी रौनक़ें 'अता होंमैं दीवाना हो ही जाऊँ तेरी राह तकते तकते

किसी चीज़ की तलब है न है आरज़ू भी कोईतूने इतना भर दिया है कश्कोल भरते भरते

है जो ज़िंदगानी बाक़ी, ये इरादा कर लिया हैतेरे मुन्किरों से, आक़ा ! मैं मरूँगा लड़ते लड़ते

मेरी ऐसी हाज़री हो कि कभी न वापसी होमिले सदक़ा पंज-तन का तेरी ना'त पढ़ते पढ़ते

नासिर की हाज़री हो कभी आस्ताँ पे तेरेकि ज़माना हो गया है मुझे आहें भरते भरते

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