नात लिरिक्स

Rab Mujh Ko Bulaaega, Main Kaabe Ko Dekhunga (All Versions)

रब मुझ को बुलाएगा, मैं का'बे को देखूँगा

नात ख़्वान: हाफ़िज़ ताहिर क़ादरीउपलब्ध: हिंदी

तेरे हरम की क्या बात, मौला !तेरे करम की क्या बात, मौला !ता-'उम्र कर दे आना मुक़द्दरअल्लाहु अकबर ! अल्लाहु अकबर !

रब मुझ को बुलाएगा, मैं का'बे को देखूँगावो दिन भी तो आएगा, मैं का'बे को देखूँगा

अल्लाह ! अल्लाह ! अल्लाह ! अल्लाह !अल्लाह ! अल्लाह ! अल्लाह ! अल्लाह !

रमज़ान मुबारक में वो सामने का'बे केइफ़्तार कराएगा, मैं का'बे को देखूँगा

वो दिन भी तो आएगा, मैं का'बे को देखूँगारब मुझ को बुलाएगा

तेरे हरम की क्या बात, मौला !तेरे करम की क्या बात, मौला !

मायूस नहीं हूँ मैं अल्लाह की रहमत सेवो हज पे बुलाएगा, मैं का'बे को देखूँगा

वो दिन भी तो आएगा, मैं का'बे को देखूँगा

रब मुझ को बुलाएगा

अल्लाह ! अल्लाह ! अल्लाह ! अल्लाह !अल्लाह ! अल्लाह ! अल्लाह ! अल्लाह !

का'बे पे पड़ी जब पहली नज़र, क्या चीज़ है दुनिया भूल गयायूँ होश-ओ-ख़िरद मफ़लूज हुए, दिल ज़ौक़-ए-तमाशा भूल गया

पहुँचा जो हरम की चौखट पर, इक अब्र-ए-करम ने घेर लियाबाक़ी न रहा फिर होश मुझे, क्या माँगा क्या-क्या भूल गया

जब पहली नज़र मेरी उस का'बे पे जाएगीदिल झूम सा जाएगा, मैं का'बे को देखूँगा

वो दिन भी तो आएगा, मैं का'बे को देखूँगा

रब मुझ को बुलाएगा

तेरे हरम की क्या बात, मौला ! तेरे करम की क्या बात, मौला !

इन साँसों के रुकने से और मौत के आने सेवो पहले बुलाएगा, मैं का'बे को देखूँगा

वो दिन भी तो आएगा, मैं का'बे को देखूँगा

रब मुझ को बुलाएगा

अल्लाह ! अल्लाह ! अल्लाह ! अल्लाह !अल्लाह ! अल्लाह ! अल्लाह ! अल्लाह !

मैं का'बे की चादर को हाथों से पकड़ लूँगादिल मेरा भर आएगा, मैं का'बे को देखूँगा

वो दिन भी तो आएगा, मैं का'बे को देखूँगा

रब मुझ को बुलाएगा

तेरे हरम की क्या बात, मौला ! तेरे करम की क्या बात, मौला !

बे-ताबी-ए-हाल-ए-दिल परवान से मत पूछोजब लम्हा वो आएगा, मैं का'बे को देखूँगा

वो दिन भी तो आएगा, मैं का'बे को देखूँगा

रब मुझ को बुलाएगा

अल्लाह ! अल्लाह ! अल्लाह ! अल्लाह !अल्लाह ! अल्लाह ! अल्लाह ! अल्लाह !

तेरे हरम की क्या बात, मौला ! तेरे करम की क्या बात, मौला !

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का'बे की रौनक़, का'बे का मंज़र, देखूँ तो देखे जाऊँ बराबर

रब मुझ को बुलाएगा, मैं का'बे को देखूँगावो दिन भी तो आएगा, मैं का'बे को देखूँगा

अल्लाह ! अल्लाह ! अल्लाह ! अल्लाह !अल्लाह ! अल्लाह ! अल्लाह ! अल्लाह !

एहराम की हालत हो और तवाफ़ के फेरे होज़मज़म भी पिलाएगा, मैं का'बे को देखूँगा

वो दिन भी तो आएगा, मैं का'बे को देखूँगा

अल्लाह ! अल्लाह ! अल्लाह ! अल्लाह !अल्लाह ! अल्लाह ! अल्लाह ! अल्लाह !

हर साल तलब फ़रमा मुझ को, हर साल वो शहर दिखा मुझ कोहर साल करूँ मैं तवाफ़-ए-हरम, अल्लाह ! करम, अल्लाह ! करम

पहुँचूँगा हरम में तो लब्बैक कहूँगा मैंदिल वज्द में आएगा, मैं का'बे को देखूँगा

वो दिन भी तो आएगा, मैं का'बे को देखूँगा

अल्लाह ! अल्लाह ! अल्लाह ! अल्लाह !अल्लाह ! अल्लाह ! अल्लाह ! अल्लाह !

माँगी है दु'आ रब से, रहमत की छमा-छम वोबारिश बरसाएगा, मैं का'बे को देखूँगा

वो दिन भी तो आएगा, मैं का'बे को देखूँगा

अल्लाह ! अल्लाह ! अल्लाह ! अल्लाह !अल्लाह ! अल्लाह ! अल्लाह ! अल्लाह !

ग़ुर्बत की ये दीवारें गिर जाएँगी सब इक दिनजब ख़ुद वो बुलाएगा, मैं का'बे को देखूँगा

वो दिन भी तो आएगा, मैं का'बे को देखूँगा

अल्लाह ! अल्लाह ! अल्लाह ! अल्लाह !अल्लाह ! अल्लाह ! अल्लाह ! अल्लाह !

बरसों से ये ख़्वाहिश है इफ़्तार हरम में होरमज़ाँ में बुलाएगा, मैं का'बे को देखूँगा

वो दिन भी तो आएगा, मैं का'बे को देखूँगा

अल्लाह ! अल्लाह ! अल्लाह ! अल्लाह !अल्लाह ! अल्लाह ! अल्लाह ! अल्लाह !

हर साल दिखाता है लाखों को हरम अपनामुझ को भी बुलाएगा, मैं का'बे को देखूँगा

वो दिन भी तो आएगा, मैं का'बे को देखूँगा

अल्लाह ! अल्लाह ! अल्लाह ! अल्लाह !अल्लाह ! अल्लाह ! अल्लाह ! अल्लाह !

परवान ! सफ़र होगा हरमैन-ए-मुक़द्दस कादिल झूम के गाएगा, मैं का'बे को देखूँगा

वो दिन भी तो आएगा, मैं का'बे को देखूँगा

अल्लाह ! अल्लाह ! अल्लाह ! अल्लाह !अल्लाह ! अल्लाह ! अल्लाह ! अल्लाह !

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