नात लिरिक्स

Mah-e-Ramzan Ho Mubarak Aalam-e-Islam Ko

माह-ए-रमज़ाँ हो मुबारक आलम-ए-इस्लाम को

नात ख़्वान: हाफ़िज़ ताहिर क़ादरीशायर: हाफ़िज़ शौक़ फ़रीदीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

अहलन-व-सहलन या रमदान !अहलन-व-सहलन या रमदान !

माह-ए-रमज़ाँ हो मुबारक 'आलम-ए-इस्लाम कोफ़ज़्ल-ए-रहमाँ हो मुबारक 'आलम-ए-इस्लाम को

माह-ए-रमज़ाँ हो मुबारक 'आलम-ए-इस्लाम को

आ गया, आ गया ये माह-ए-रमज़ाँमौला तेरा शुक्र है और तेरा एहसाँ

आ गया, आ गया ये माह-ए-रमज़ाँआ गया, आ गया ये माह-ए-रमज़ाँ

मरहबा फिर हो गई है आमद-ए-माह-ए-'अज़ीमहर तरफ़ छाई हुई है रहमत-ए-रब्ब-ए-करीमये चराग़ाँ हो मुबारक 'आलम-ए-इस्लाम को

मोमिनो ! रोज़ा रख कर रब को राज़ी कर लो

माह-ए-रमज़ाँ हो मुबारक 'आलम-ए-इस्लाम को

रमज़ान-उल-करीम ! रमज़ान-उल-करीम !

नन्हे बच्चों में भी जज़्बा है सलात-ओ-सौम काकिस-क़दर भाती है दिल को इन की ये प्यारी अदा'इश्क़-ओ-विज्दाँ हो मुबारक 'आलम-ए-इस्लाम कोमाह-ए-रमज़ाँ हो मुबारक 'आलम-ए-इस्लाम को

अहलन-व-सहलन या रमदान !

रमज़ान-उल-करीम ! रमज़ान-उल-करीम !

इस महीने में हुआ नाज़िल कलाम-ए-किब्रियाजो है महबूब-ए-ख़ुदा का एक रौशन मो'जिज़ाया'नी क़ुरआँ हो मुबारक 'आलम-ए-इस्लाम कोमाह-ए-रमज़ाँ हो मुबारक 'आलम-ए-इस्लाम को

आ गया, आ गया ये माह-ए-रमज़ाँमौला तेरा शुक्र है और तेरा एहसाँ

आ गया, आ गया ये माह-ए-रमज़ाँआ गया, आ गया ये माह-ए-रमज़ाँ

सज्दा-रेज़ी की है लज़्ज़त रब के बंदों को 'अतासब के होंटों पर है जारी हर घड़ी हम्द-ओ-सनारूह-ए-शादाँ हो मुबारक 'आलम-ए-इस्लाम कोमाह-ए-रमज़ाँ हो मुबारक 'आलम-ए-इस्लाम को

रमज़ान-उल-करीम ! रमज़ान-उल-करीम !

सहरी-ओ-इफ़्तार का लम्हा है कैसा ख़ुश-नुमारहमत-ओ-बरकत का दस्तर-ख़्वान है घर-घर सजारब का मेहमाँ हो मुबारक 'आलम-ए-इस्लाम कोमाह-ए-रमज़ाँ हो मुबारक 'आलम-ए-इस्लाम को

अहलन-व-सहलन या रमदान !अहलन-व-सहलन या रमदान !

हर तरफ़, शौक़-ए-फ़रीदी ! है मसर्रत का समाँज़िक्र में मशग़ूल हैं छोटे, बड़े, बूढ़े, जवाँरब का एहसाँ हो मुबारक 'आलम-ए-इस्लाम कोमाह-ए-रमज़ाँ हो मुबारक 'आलम-ए-इस्लाम को

रमज़ान-उल-करीम ! रमज़ान-उल-करीम !

रहमतों के दर खोल दे, बरकतों के दर खोल दे

केवल उपलब्ध श्रेय दिखाए गए हैं; अनुपलब्ध जानकारी का अनुमान नहीं लगाया गया।