नात लिरिक्स

Kuchh Na Poochho Maqam Khwaja Ka

कुछ न पूछो मक़ाम ख़्वाजा का

नात ख़्वान: हाफ़िज़ ताहिर क़ादरीशायर: मौलाना इब्राहीम ख़ुशतरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

कुछ न पूछो मक़ाम ख़्वाजा का'अर्शियों में है नाम ख़्वाजा का

दा'वत-ए-दीन काम ख़्वाजा कासब की ख़िदमत निज़ाम ख़्वाजा का

हिन्द-ता-चिश्त काम ख़्वाजा काबोल बाला है नाम ख़्वाजा का

एक मुस्लिम ही क्या कि हिन्दू भीकरता है एहतिराम ख़्वाजा का

ये पतन पाक, देहली-ओ-कलियरहै ये क्या-क्या मक़ाम ख़्वाजा का

दोस्त तो दोस्त आज दुश्मन भीले ते रहते हैं नाम ख़्वाजा का

चिश्ती मंज़िल बहिश्त की मंज़िलबाम बाला-ए-बाम ख़्वाजा का

सब की पूरी मुराद होती हैहै ये फ़ैज़ान-ए-'आम ख़्वाजा का

कौसर-ओ-सलसबील है उस कापी लिया जिस ने जाम ख़्वाजा का

ये जो ख़ुशतर है क़ादरी रज़वीये भी है इक ग़ुलाम ख़्वाजा का

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