नात लिरिक्स

Khwaja Mere Khwaja | Mujh Ko Dar-e-Aqdas Pe Bula Lijiye Khwaja

ख़्वाजा मेरे ख़्वाजा | मुझ को दर-ए-अक़्दस पे बुला लीजिए ख़्वाजा

नात ख़्वान: सय्यिद हस्सानुल्लाह हुसैनीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

या ग़रीब नवाज़ ! या ग़रीब नवाज़ !

तेरे आस्ताँ से, ख़्वाजा ! लौटा कोई न ख़ालीहम पे भी करम हो जाए, मेरे सरकार-ए-'आली !

ख़्वाजा ख़्वाजा ख़्वाजा ख़्वाजा ! मेरे ख़्वाजा !ख़्वाजा ख़्वाजा ख़्वाजा ख़्वाजा ! मेरे ख़्वाजा पिया !

मुझ को दर-ए-अक़्दस पे बुला लीजिए, ख़्वाजा !ख़्वाजा मेरे ख़्वाजा !अपने करम से बिगड़ी बना दीजिए, ख़्वाजा !ख़्वाजा मेरे ख़्वाजा !

मुझ को दर-ए-अक़्दस पे बुला लीजिए, ख़्वाजा !ख़्वाजा मेरे ख़्वाजा !

दामन सभी के भरते हैं, ख़्वाजा ! तेरे दर सेख़्वाजा ! तेरे दर सेमुझ पे भी करम कर दो, ख़्वाजा मेरे ख़्वाजा !ख़्वाजा मेरे ख़्वाजा !

मुझ को दर-ए-अक़्दस पे बुला लीजिए, ख़्वाजा !ख़्वाजा मेरे ख़्वाजा !

है डूबने को मेरा सफ़ीना, मेरे ख़्वाजा !ऐ हिन्द के राजा !इस डूबती कश्ती को तिरा दीजिए, ख़्वाजा !ख़्वाजा मेरे ख़्वाजा !

मुझ को दर-ए-अक़्दस पे बुला लीजिए, ख़्वाजा !ख़्वाजा मेरे ख़्वाजा !

मैं हूँ ग़मों का मारा, ख़्वाजा ! सँभालिएलिल्लाह सँभालिएकोई नहीं है आसरा, ख़्वाजा मेरे ख़्वाजा !ख़्वाजा मेरे ख़्वाजा !

मुझ को दर-ए-अक़्दस पे बुला लीजिए, ख़्वाजा !ख़्वाजा मेरे ख़्वाजा !

दरबार पे छाई हुई हैं नूरी फ़ज़ाएँरहमत की घटाएँहम को भी दिखा दीजिए ये नूरी नज़ाराख़्वाजा मेरे ख़्वाजा !

मुझ को दर-ए-अक़्दस पे बुला लीजिए, ख़्वाजा !ख़्वाजा मेरे ख़्वाजा !

आए वसीम दर तेरे, इस पर भी करम होया ख़्वाजा ! करम होदर दर भटक रहा है बे-चारा, मेरे ख़्वाजा !ख़्वाजा मेरे ख़्वाजा !

मुझ को दर-ए-अक़्दस पे बुला लीजिए, ख़्वाजा !ख़्वाजा मेरे ख़्वाजा !

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