नात लिरिक्स

Jahan Sara Sukhan-aara Imam Ahmad Raza Khan Ka

जहाँ सारा सुख़न-आरा इमाम अहमद रज़ा ख़ाँ का

नात ख़्वान: मदनी रज़ा अत्तारीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

जहाँ सारा सुख़न-आरा इमाम अहमद रज़ा ख़ाँ काकरे चर्चा बहुत सारा इमाम अहमद रज़ा ख़ाँ का

कठिन हो मसअला कितना उसे हल कर ही देता हैक़लम को हाथ में लेना इमाम अहमद रज़ा ख़ाँ का

अगर तुम को परखना हो ये अपना है पराया हैतो चर्चा बीच में लाना इमाम अहमद रज़ा ख़ाँ का

जिसे हो गुफ़्तुगू में नग़्मगी हम-क़ाफ़ियों का शौक़वो देखे लफ़्ज़ों का चुनना इमाम अहमद रज़ा ख़ाँ का

मुहम्मद लफ़्ज़ सी सूरत वो जब सोते तो बनती थीकि याद-ए-यार था सोना इमाम अहमद रज़ा ख़ाँ का

सभी उर्दू तराजिम से अलग है मुनफ़रिद है वोकभी तुम तर्जमा पढ़ना इमाम अहमद रज़ा ख़ाँ का

कमाल-ए-क़ादरी मुझ को बड़ा भाता है जमता हैजो करता है सदा चर्चा इमाम अहमद रज़ा ख़ाँ का

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