नात लिरिक्स

Insha-Allah Sare Roze Rakhunga Ramzan Mein (Part 1 | Part 2)

इंशा-अल्लाह सारे रोज़े रखूँगा रमज़ान में

नात ख़्वान: हाफ़िज़ ताहिर क़ादरीशायर: सैफ़ क़ादरी इलाहाबादीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

इंशा-अल्लाह सारे रोज़े रक्खूँगा रमज़ान मेंनमाज़ पढ़ के रब को राज़ी कर लूँगा रमज़ान में

रमज़ान रमज़ान ! रमज़ान रमज़ान !रमज़ान रमज़ान ! रमज़ान रमज़ान !

नन्हे नन्हे बच्चे जब वक़्त-ए-सहरी उठते हैंबैठ के घर वालों के संग प्यार से सहरी करते हैंरोज़ा-कुशाई बच्चों की करवाऊँगा रमज़ान मेंरोज़ा-कुशाई बच्चों की करवाऊँगा रमज़ान में

इंशा-अल्लाह सारे रोज़े रक्खूँगा रमज़ान मेंनमाज़ पढ़ के रब को राज़ी कर लूँगा रमज़ान में

रमज़ान रमज़ान ! रमज़ान रमज़ान !रमज़ान रमज़ान ! रमज़ान रमज़ान !

लुत्फ़-ओ-करम की बारिश होती है माह-ए-रमज़ान मेंया'नी गुनह की बख़्शिश होती है माह-ए-रमज़ान मेंफ़ज़्ल-ए-ख़ुदा से मैं भी बख़्शा जाऊँगा रमज़ान मेंफ़ज़्ल-ए-ख़ुदा से मैं भी बख़्शा जाऊँगा रमज़ान में

इंशा-अल्लाह सारे रोज़े रक्खूँगा रमज़ान मेंनमाज़ पढ़ के रब को राज़ी कर लूँगा रमज़ान में

रमज़ान रमज़ान ! रमज़ान रमज़ान !रमज़ान रमज़ान ! रमज़ान रमज़ान !

मैं भी शहरी में उठ के, तौबा करूँगा रो रो केज़िक्र ख़ुदा का कर कर के, क़ुरआन मुक़द्दस पढ़ पढ़ केरब्ब-ए-दो-'आलम की रहमत को पाऊँगा रमज़ान मेंरब्ब-ए-दो-'आलम की रहमत को पाऊँगा रमज़ान में

इंशा-अल्लाह सारे रोज़े रक्खूँगा रमज़ान मेंनमाज़ पढ़ के रब को राज़ी कर लूँगा रमज़ान में

रमज़ान रमज़ान ! रमज़ान रमज़ान !रमज़ान रमज़ान ! रमज़ान रमज़ान !

वाली-ए-तयबा की चौखट पर जाते हैं 'आशिक़ सबज़हरा बतूल के बाबा से इज़्न मिलेगा मुझ को जबसैफ़-ए-रज़ा ! मैं शहर-ए-मदीना जाऊंँगा रमज़ान मेंसैफ़-ए-रज़ा ! मैं शहर-ए-मदीना जाऊंँगा रमज़ान में

इंशा-अल्लाह सारे रोज़े रक्खूँगा रमज़ान मेंनमाज़ पढ़ के रब को राज़ी कर लूँगा रमज़ान में

रमज़ान रमज़ान ! रमज़ान रमज़ान !रमज़ान रमज़ान ! रमज़ान रमज़ान !

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