नात लिरिक्स

Har Dil Mein Jo Rehte Hain Wo Mere Muhammad Hain

हर दिल में जो रहते हैं वो मेरे मुहम्मद हैं

नात ख़्वान: हाफ़िज़ ताहिर क़ादरीशायर: मुहम्मद शफ़ीक़ अल्लाह यार परवानउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

हर दिल में जो रहते हैं, वो मेरे मुहम्मद हैंजो रब को भी प्यारे हैं, वो मेरे मुहम्मद हैं

हर दिल में जो रहते हैं, वो मेरे मुहम्मद हैंमहबूब ख़ुदा के हैं, वो मेरे मुहम्मद हैं

ये शान है बचपन की, उँगली के इशारे सेजो चाँद हिलाते हैं, वो मेरे मुहम्मद हैं

सीरत है बड़ी प्यारी, अख़्लाक़ भी आ'ला हैदुश्मन भी जो माने हैं, वो मेरे मुहम्मद हैं

क़ुर्बान समा'अत पर जो जानवरों की भीबोली को समझते हैं, वो मेरे मुहम्मद हैं

मे'राज-ए-नबी ऐसी, अल्लाह को देख आएए'ज़ाज़ ये रखते हैं, वो मेरे मुहम्मद हैं

कुफ़्फ़ार भी हैराँ हैं कि पेड़ खजूरों काबिन बीज उगाते हैं, वो मेरे मुहम्मद हैं

घबराओ न, दीवानो ! जो दिल में है वो माँगोहर बात जो सुनते हैं, वो मेरे मुहम्मद हैं

परवान ! किताबों में ग़ैरों ने भी लिक्खा हैदुनिया में जो सच्चे हैं, वो मेरे मुहम्मद हैं

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