नात लिरिक्स

Haq Ki Pehchan Hain Raza Wale

हक़ की पहचान हैं रज़ा वाले

नात ख़्वान: हाफ़िज़ ताहिर क़ादरीशायर: मिस्बाह-उल-हक़ राग़िबउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

रज़ा रज़ा रज़ा ! रज़ा रज़ा रज़ा !रज़ा रज़ा रज़ा ! रज़ा रज़ा रज़ा !

है मेरी शान रज़ा, है मेरी जान रज़ा !है मेरी आन, मेरी पहचान

बजेगा हश्र तक डंका इमाम अहमद रज़ा ख़ाँ काजहाँ में बोल है बाला इमाम अहमद रज़ा ख़ाँ का

वो अपने वक़्त के बेशक इमाम-ए-बू-हनीफ़ा थेकोई सानी नहीं मिलता इमाम अहमद रज़ा ख़ाँ का

कोई है हुज्जतुल-इस्लाम, कोई है मुफ़्ती-ए-आ'ज़मकोई ताजुश्शरी'आ है, कोई मुफ़स्सिर-ए-आ'ज़मये ऊँचा ख़ानदाँ किस का ? इमाम अहमद रज़ा ख़ाँ का

कोई सदरु-श्शरी'आ है, कोई सदरुल-अफ़ाज़िल हैये फ़ैज़ान-ए-नज़र किस का ? इमाम अहमद रज़ा ख़ाँ का

जो क़ुदसी हश्र में पूछेंगे मुझ से, किस का पैरो था ?कहूँगा कर के सर ऊँचा, इमाम अहमद रज़ा ख़ाँ का

साहिब-ए-शान हैं रज़ा वालेहक़ की पहचान हैं रज़ा वाले

ख़ूब दर्स-ए-हदीस देते हैंक़ौल-ए-असहाब भी सुनाते हैंअहल-ए-क़ुरआन हैं रज़ा वालेहक़ की पहचान हैं रज़ा वाले

सारे दरबान-ए-ग़ौस-ए-आ'ज़म हैंख़ादिमान-ए-रसूल-ए-अकरम हैंया'नी सुल्तान हैं रज़ा वालेहक़ की पहचान हैं रज़ा वाले

रज़ा मेरा पीर है, रज़ा मेरा पीर हैरज़ा मेरा पीर है, रज़ा मेरा पीर है

कुफ़्र-ओ-शर की जमा'अतों के लिएप्यारे आक़ा के दुश्मनों के लिएएक तूफ़ान हैं रज़ा वालेहक़ की पहचान हैं रज़ा वाले

साहिब-ए-शान हैं रज़ा वालेहक़ की पहचान हैं रज़ा वाले

नाम-ए-असहाब-ओ-नाम-ए-आक़ा परनाम-ए-ख़्वाजा पे, नाम-ए-दाता परदिल से क़ुर्बान हैं रज़ा वालेहक़ की पहचान हैं रज़ा वाले

कोई अख़्तर है, कोई ख़ादिम हैकोई 'अत्तार, कोई क़ासिम हैया'नी ज़ीशान हैं रज़ा वालेहक़ की पहचान हैं रज़ा वाले

रज़ा मेरा पीर है, रज़ा मेरा पीर हैरज़ा मेरा पीर है, रज़ा मेरा पीर है

बे-वफ़ाई कभी नहीं करतेज़ुल्म का साथ भी नहीं देतेऐसे इंसान हैं रज़ा वालेहक़ की पहचान हैं रज़ा वाले

साहिब-ए-शान हैं रज़ा वालेहक़ की पहचान हैं रज़ा वाले

कह दो, राग़िब ! ज़माने वालों सेअहल-ए-हक़ को सताने वालों सेअहल-ए-ईमान हैं रज़ा वालेहक़ की पहचान हैं रज़ा वाले

रज़ा मेरा पीर है, रज़ा मेरा पीर हैरज़ा मेरा पीर है, रज़ा मेरा पीर है

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