नात लिरिक्स

Hai Soch Se Bhi Pyara Kabe Ka Haseen Manzar

है सोच से भी प्यारा काबे का हसीं मंज़र

नात ख़्वान: सय्यिद हस्सानुल्लाह हुसैनीशायर: शफ़ीक़ अल्लाहयार परवानउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

लब्बैक लब्बैक अल्लाहुम्म लब्बैकलब्बैक लब्बैक अल्लाहुम्म लब्बैक

है सोच से भी प्यारा का'बे का हसीं मंज़रइस दिल को बड़ा भाया का'बे का हसीं मंज़र

देखा जो सुहाना सा का'बे का हसीं मंज़रइस दिल को बड़ा भाया का'बे का हसीं मंज़र

है सोच से भी प्यारा का'बे का हसीं मंज़रइस दिल को बड़ा भाया का'बे का हसीं मंज़र

देखें है बहुत जल्वे, ऐसा न कहीं देखाहर शय से जुदा पाया का'बे का हसीं मंज़र

है सोच से भी प्यारा का'बे का हसीं मंज़रइस दिल को बड़ा भाया का'बे का हसीं मंज़र

क्या पूछते हो मुझ से, आँखों में मेरी क्या है ?मैं इन में बसा लाया का'बे का हसीं मंज़र

है सोच से भी प्यारा का'बे का हसीं मंज़रइस दिल को बड़ा भाया का'बे का हसीं मंज़र

उम्मीद ख़ुदा से है, इस साल करम होगारब फिर से दिखाएगा का'बे का हसीं मंज़र

है सोच से भी प्यारा का'बे का हसीं मंज़रइस दिल को बड़ा भाया का'बे का हसीं मंज़र

पुर-कैफ़ था दिल मेरा, थी आँख मेरी पुर-नमजब सामने आया था का'बे का हसीं मंज़र

है सोच से भी प्यारा का'बे का हसीं मंज़रइस दिल को बड़ा भाया का'बे का हसीं मंज़र

परवान के दिल पे है नक़्शा दर-ए-का'बा काये भूल नहीं सकता का'बे का हसीं मंज़र

है सोच से भी प्यारा का'बे का हसीं मंज़रइस दिल को बड़ा भाया का'बे का हसीं मंज़र

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