नात लिरिक्स

Beshak Hai Daur-e-Hazir Ilyas Qadri Ka

बेशक है दौर-ए-हाज़िर इल्यास क़ादरी का

नात ख़्वान: हाफ़िज़ ताहिर क़ादरीशायर: अब्दुल कमाल क़ादरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

मुर्शिद है 'अत्तार, रहबर है 'अत्ताररहनुमा 'अत्तार, पेशवा 'अत्तार

मुर्शिद तेरी ख़ैर हो और आल की भी ख़ैर होदा'वत-ए-इस्लामी की, मौला ! ख़ैर हो बस ख़ैर हो

बेशक है दौर-ए-हाज़िर इल्यास क़ादरी काबेशक है दौर-ए-हाज़िर इल्यास क़ादरी का

तोहफ़ा ख़ुदा का है और सदक़ा है ये नबी काबेशक है दौर-ए-हाज़िर इल्यास क़ादरी काशोहरा है चार-जानिब किरदार-ए-मुर्शिदी काबेशक है दौर-ए-हाज़िर इल्यास क़ादरी का

लाखों के दिल की धड़कन 'अत्तार बन गए हैंमुर्शिद के 'इश्क़ में हम सरशार बन गए हैंचढ़ता हुवा नशा है मुर्शिद की 'आशिक़ी काबेशक है दौर-ए-हाज़िर इल्यास क़ादरी का

दुनिया पे मरने वाले तयबा पे मर रहे हैंफ़ैशन पे मरने वाले कैसे बदल रहे हैंनक़्शा पलट गया है कितनों की ज़िंदगी काबेशक है दौर-ए-हाज़िर इल्यास क़ादरी का

तोहफ़ा ख़ुदा का है और सदक़ा है ये नबी का

मुर्शिद है 'अत्तार, रहबर है 'अत्ताररहनुमा 'अत्तार, पेशवा 'अत्तार

परचार सुन्नियत का इस दौर-ए-पुर-फ़ितन में'अत्तार कर रहे हैं क्या ख़ूब हर वतन मेंये काम कह रहा है, है दौर मुर्शिदी काबेशक है दौर-ए-हाज़िर इल्यास क़ादरी का

तोहफ़ा ख़ुदा का है और सदक़ा है ये नबी का

मुर्शिद है 'अत्तार, रहबर है 'अत्ताररहनुमा 'अत्तार, पेशवा 'अत्तार

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