नात लिरिक्स

Bareilly Chala Main Bareilly Chala

बरेली चला मैं बरेली चला

नात ख़्वान: मुहम्मद अश्फ़ाक़ अत्तारीशायर: मुहम्मद अश्फ़ाक़ अत्तारीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

आ'ला हज़रत का लबों पे नाम हैअहल-ए-सुन्नत का तुझ को सलाम है

पैकर-ए-सुन्नत ! रज़ा रज़ा !मख़ज़न-ए-'अज़मत ! रज़ा रज़ा !हामी-ए-सुन्नत ! रज़ा रज़ा !माही-ए-बिद'अत ! रज़ा रज़ा !

हाँ चल चलिए बरेलीजा के देखिए वो गलीजहाँ अहमद रज़ा हैं, वो पेशवा हैंमेरे रज़ा हैं, वो पेशवा हैं

बरेली चला मैं बरेली चलाबरेली चला मैं बरेली चला

हाँ चल चलिए बरेलीजा के देखिए वो गलीजहाँ अहमद रज़ा हैं, वो पेशवा हैंमेरे रज़ा हैं, वो पेशवा हैं

ये मुद्दत का अरमान पूरा हुआबरेली चला मैं बरेली चला

हाँ चल चलिए बरेलीजा के देखिए वो गलीजहाँ अहमद रज़ा हैं, वो पेशवा हैंमेरे रज़ा हैं, वो पेशवा हैं

जहाँ से करोड़ों ने पाई है दौलतवहीं ले के कासा बरेली चला

जहाँ 'इल्म-ओ-हिकमत का बहता है दरियामैं तकता वो रस्ता बरेली चला

हाँ चल चलिए बरेलीजा के देखिए वो गलीजहाँ अहमद रज़ा हैं, वो पेशवा हैंमेरे रज़ा हैं, वो पेशवा हैं

हैं 'इरफ़ान-ओ-हिकमत का गोया समुंदरफ़तावा रज़ा का, बरेली चला

वो हो कोई फ़न, आप माहिर हैं उस मेंये बैठा है सिक्का, बरेली चला

हाँ चल चलिए बरेलीजा के देखिए वो गलीजहाँ अहमद रज़ा हैं, वो पेशवा हैंमेरे रज़ा हैं, वो पेशवा हैं

आ'ला हज़रत का लबों पे नाम हैअहल-ए-सुन्नत का तुझ को सलाम है

'इल्म-ओ-हिकमत ! रज़ा रज़ा !रब की रहमत ! रज़ा रज़ा !मोहसिन-ए-मिल्लत ! रज़ा रज़ा !माह-ए-विलायत ! रज़ा रज़ा !

हाँ चल चलिए बरेलीजा के देखिए वो गलीजहाँ अहमद रज़ा हैं, वो पेशवा हैंमेरे रज़ा हैं, वो पेशवा हैं

जो मस्कन है मदफ़न है अहमद रज़ा काहै 'आशिक़ का क़िब्ला, बरेली चला

मुझे हाज़िरी की स'आदत 'अता कीहै एहसाँ रज़ा का, बरेली चला

हाँ चल चलिए बरेलीजा के देखिए वो गलीजहाँ अहमद रज़ा हैं, वो पेशवा हैंमेरे रज़ा हैं, वो पेशवा हैं

जहाँ रात-दिन नूर की बारिशें हैंवो ख़ित्ता रज़ा का, बरेली चला

मैं दुनिया-ओ-'उक़्बा की हर कामयाबीको हासिल करूँगा, बरेली चला

हाँ चल चलिए बरेलीजा के देखिए वो गलीजहाँ अहमद रज़ा हैं, वो पेशवा हैंमेरे रज़ा हैं, वो पेशवा हैं

दर-ए-आ'ला हज़रत पे पहुँचूँगा जिस दमउसे दूँगा बोसा, बरेली चला

मुझे दीन पर, सुन्नतों पर 'अमल कामिले काश जज़्बा, बरेली चला

हाँ चल चलिए बरेलीजा के देखिए वो गलीजहाँ अहमद रज़ा हैं, वो पेशवा हैंमेरे रज़ा हैं, वो पेशवा हैं

जो दरबार-ए-रज़वी में हाज़िर हुआ मैंबड़ा लुत्फ़ आया, बरेली चला मैं

बुलाया है फ़ानी को दर पर तो दे दोइसे भीक, आक़ा ! बरेली चला

हाँ चल चलिए बरेलीजा के देखिए वो गलीजहाँ अहमद रज़ा हैं, वो पेशवा हैंमेरे रज़ा हैं, वो पेशवा हैं

आला हज़रत का लबों पे नाम हैअहल-ए-सुन्नत का तुझ को सलाम है

साहिब-ए-ने'मत ! रज़ा रज़ा !फ़ैज़-ओ-सख़ावत ! रज़ा रज़ा !ख़ूब-रू जल्वत ! रज़ा रज़ा !आ'ला ख़ल्वत ! रज़ा रज़ा !

हाँ चल चलिए बरेलीजा के देखिए वो गलीजहाँ अहमद रज़ा हैं, वो पेशवा हैंमेरे रज़ा हैं, वो पेशवा हैं

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