नात लिरिक्स

Bada Mehboob Gharana Ali Haider Ka Gharana

बड़ा महबूब घराना अली हैदर का घराना

नात ख़्वान: हाफ़िज़ ताहिर क़ादरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

मेरा 'इश्क़ 'अली, मेरी जान 'अलीमेरा 'इश्क़ 'अली, मेरी जान 'अली

बड़ा महबूब घराना, 'अली हैदर का घरानाग़ुलाम इन का है ज़माना, 'अली हैदर का घराना

मन-कुंतु मौला ! 'अली 'अली !आक़ा ने बोला ! 'अली 'अली !मैं जिस का मौला ! 'अली 'अली !है उस का मौला ! 'अली 'अली !ज़हरा का शौहर ! 'अली 'अली !हसनैन का बाबा ! 'अली 'अली !हम सब ने पुकारा ! 'अली 'अली मौला !

बड़ा महबूब घराना, 'अली हैदर का घराना

किया हर काम उसी की रिज़ा में राज़ी रह करख़ुदा के दीन की ख़ातिर हज़ारों सदमे सेह करकरे हर-दम शुक्राना, 'अली हैदर का घराना

बड़ा महबूब घराना, 'अली हैदर का घराना

कदी मिम्बर ते खड़ के, कदी मैदाँ ते लड़ केकदी नेज़े ते चढ़ के, कदी ख़ुत्बे पढ़ पढ़ केसिखावे दीन बचाणा, 'अली हैदर दा घराना

बड़ा महबूब घराना, 'अली हैदर दा घराना

पुकारा जब मुश्किल में, इन्हों ने की लजपालीसभी मँगतों की पल में भरी है झोली ख़ालीझुका जिस दर पे ज़माना, 'अली हैदर का घराना

बड़ा महबूब घराना, 'अली हैदर का घराना

ओहदा हजवेरी गदागर, ते ग़ौस-ओ-ख़्वाजा नौकरदेवे 'अत्तार सलामी, ते सग शाहबाज़ क़लंदरहै बण्या सब दा ठिकाना, 'अली हैदर दा घराना

बड़ा महबूब घराना, 'अली हैदर दा घराना

क़ियादत हो कि इमामत, विलायत हो कि तहारतशराफ़त हो कि सदाक़त, सख़ावत हो कि शुजा'अतहर इक 'अज़मत का ठिकाना, 'अली हैदर का घराना

बड़ा महबूब घराना, 'अली हैदर का घराना

केवल उपलब्ध श्रेय दिखाए गए हैं; अनुपलब्ध जानकारी का अनुमान नहीं लगाया गया।