नात लिरिक्स

Aap Par Lakho Durood Aur Aap Par Lakho Salam

आप पर लाखो दुरूद और आप पर लाखो सलाम

शायर: इमाम अहमद रज़ा खानउपलब्ध: हिंदी

आप पर लाखो दुरूद और आप पर लाखो सलामआप पर लाखो दुरूद और आप पर लाखो सलाम

है लबे ई़सा से जां बख़्शी निराली हाथ मेंसंगरेज़े पाते हैं शीरीं मक़ाली हाथ में

आप पर लाखो दुरूद और आप पर लाखो सलामआप पर लाखो दुरूद और आप पर लाखो सलाम

जूदे-शाहे-कौसर अपने प्यासों का जूया है आपक्या अ़जब उड़ कर जो आजाए पियाली हाथ में

आप पर लाखो दुरूद और आप पर लाखो सलामआप पर लाखो दुरूद और आप पर लाखो सलाम

मालिके कौनैन हैं गो पास कुछ रखते नहींदो जहां की ने’मतें हैं इन के ख़ाली हाथ में

आप पर लाखो दुरूद और आप पर लाखो सलामआप पर लाखो दुरूद और आप पर लाखो सलाम

हर ख़त़े कफ़ है यहां ऐ दस्ते बैज़ाए कलीममोज-ज़न दरिया ए नूरे बे मिसाली हाथ में

आप पर लाखो दुरूद और आप पर लाखो सलामआप पर लाखो दुरूद और आप पर लाखो सलाम

जिस ने बैअ़त की बहारे ह़ुस्न पर क़ुरबां रहाहैं लकीरें नक़्श तस्ख़ीरे जमाली हाथ में

आप पर लाखो दुरूद और आप पर लाखो सलामआप पर लाखो दुरूद और आप पर लाखो सलाम

दस्त-गीरे हर दो अ़ालम कर दिया सिब्त़ैन कोऐ मैं क़ुरबां जाने जां अंगुश्त क्या ली हाथ में

आप पर लाखो दुरूद और आप पर लाखो सलामआप पर लाखो दुरूद और आप पर लाखो सलाम

काश ! हो जाऊं लबे कौसर मैं यूं वारफ़्ता होशले के उस जाने करम का ज़ैल अ़ाली हाथ में

आप पर लाखो दुरूद और आप पर लाखो सलामआप पर लाखो दुरूद और आप पर लाखो सलाम

आंख मह़्वे जल्व-ए-दीदार दिल पुर जोशे वज्दलब पे शुक्रे बख़्शिशे-साक़ी पियाली हाथ में

आप पर लाखो दुरूद और आप पर लाखो सलामआप पर लाखो दुरूद और आप पर लाखो सलाम

ह़श्र में क्या क्या मज़े वारफ़्तगी के लूं रज़ालौट जाऊं पा के वोह दामाने अ़ाली हाथ में

आप पर लाखो दुरूद और आप पर लाखो सलामआप पर लाखो दुरूद और आप पर लाखो सलाम

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