उर्दू शायरी · ग़ज़ल

yun ashk mohabbat mein bahaya nahin jata

यूँ अश्क मोहब्बत में बहाया नहीं जाता

یوں اشک محبت میں بہایا نہیں جاتا

शायर: Danish Farahi5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

यूँ अश्क मोहब्बत में बहाया नहीं जाता
और ज़ख़्म-ए-जिगर सब को दिखाया नहीं जाता

कुछ कम नहीं हो जाए किसी इक से मोहब्बत
दिल सब से सर-ए-राह लगाया नहीं जाता

इक वो हैं कि जो हम को भुला बैठे हैं लेकिन
हम उन को भुलाते हैं भुलाया नहीं जाता

ये राज़-ए-मोहब्बत भी 'अजब राज़ है यारो
हम लाख छुपाते हैं छुपाया नहीं जाता

तस्वीर ये किस की मिरी आँखों में है 'दानिश'
हुस्न ऐसा किसी और में पाया नहीं जाता