उर्दू शायरी · ग़ज़ल

yahi paoge mahshar mein zaban meri bayan mera

यही पाओगे महशर में ज़बाँ मेरी बयाँ मेरा

یہی پاؤ گے محشر میں زباں میری بیاں میرا

शायर: Vinayak Damodar Savarkar5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

यही पाओगे महशर में ज़बाँ मेरी बयाँ मेरा
मैं बंदा हिन्द वाला हूँ यही हिन्दोस्ताँ मेरा

मैं हिंदुस्ताँ के उजड़े खंडहर का एक ज़र्रा हूँ
यही सारा पता मेरा यही नाम-ओ-निशाँ मेरा

मिरा है रक्त हिन्दी ज़ात हिन्दी ठेठ हिन्दी हूँ
यही मज़हब यही फ़िरक़ा यही है ख़ानदाँ मेरा

क़दम लूँ मादर-ए-हिन्दोस्ताँ के बैठते उठते
मिरी ऐसी कहाँ क़िस्मत नसीबा ये कहाँ मेरा

तिरी सेवा में ऐ भारत अगर सर जाए तो जाए
तो मैं समझूँ कि है मरना हयात-ए-जाविदाँ मेरा