उर्दू शायरी · ग़ज़ल

yahan hota hai kyon matam hamara

यहाँ होता है क्यों मातम हमारा

یہاں ہوتا ہے کیوں ماتم ہمارا

शायर: Deepak Malviya5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

यहाँ होता है क्यों मातम हमारा
अभी निकला नहीं है दम हमारा

कोई रहज़न को जा कर ये ख़बर दे
नहीं लूटा है उस ने ग़म हमारा

सभी रेशम के कीड़े देंगे ज्ञापन
चुराया है बहुत रेशम हमारा

तिरा सब के ग़मों से राब्ता है
तुझे दिखता नहीं है ग़म हमारा

इलाहाबाद में संगम किनारे
कभी होगा वहीं संगम हमारा