उर्दू शायरी · ग़ज़ल

kisi bhi haal mein aate nahin hain

किसी भी हाल में आते नहीं हैं

کسی بھی حال میں آتے نہیں ہیں

शायर: Deepak Malviya5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

किसी भी हाल में आते नहीं हैं
तुम्हारी चाल में आते नहीं हैं

मोहब्बत एक मछवारन है यारो
हम उस के जाल में आते नहीं हैं

ये कारोबार भी उन का चला जो
कभी हड़ताल में आते नहीं हैं

कोई कैसे उन्हें पहचान पाए
दरिंदे खाल में आते नहीं हैं

उसी की तू बुराई कर रहा है
जो तेरी चाल में आते नहीं हैं