उर्दू शायरी · ग़ज़ल

wo git pyar ka jo suna kar chale gae

वो गीत प्यार का जो सुना कर चले गए

وہ گیت پیار کا جو سنا کر چلے گئے

शायर: Danish Farahi5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

वो गीत प्यार का जो सुना कर चले गए
ख़्वाबीदा हसरतों को जगा कर चले गए

पीने से जिस के होश न आए तमाम 'उम्र
ऐसी शराब मुझ को पिला कर चले गए

ग़ैरों की बे-रुख़ी का गिला किस लिए करें
अपने ही दिल हमारा दुखा कर चले गए

पूछा जो मैं ने पर्दे में सूरज है या कि चाँद
चेहरे से वो नक़ाब उठा कर चले गए

एहसाँ है 'दानिश' उन का ज़माने पे ये बहुत
जो रास्ती की राह दिखा कर चले गए