उर्दू शायरी · ग़ज़ल

udas rut mein tere baad ki kahani hai

उदास रुत में तिरे बाद की कहानी है

اداس رت میں ترے بعد کی کہانی ہے

शायर: M. Usman Shakir5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

उदास रुत में तिरे बाद की कहानी है
सुकूत-ए-दिल है तिरे ग़म की जाँ-फ़िशानी है

न तेरे साथ गुज़रते तो हम गुज़र जाते
यही है बात अगरचे ज़रा पुरानी है

मोहब्बतों के डसे हैं तो नफ़रतें ला दो
कि ये भी अपने बुज़ुर्गों की इक निशानी है

वफ़ा की बात न कर ख़्वाहिशें बचा अपनी
मुझे अज़ीज़ तअ'ल्लुक़ तुझे जवानी है

गए दिनों के मरासिम की बात है 'शाकिर'
वगर्ना उस से मोहब्बत किसे निभानी है